आज हम बात करेंगे उन पांच खिलाड़ियों की जो कई साल भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन करते रहे, पर बढ़ती प्रतियोगिता के कारण ये खिलाड़ी भारतीय टीम में अपनी जगह नहीं बना पा रहे हैं। और ये खिलाड़ी अब शायद कभी आपको भारतीय टीम में न दिखाई दें।
1.सुरेश रैना
पहला नाम आता है भारत के बाएं हाथ के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज सुरेश रैना का। सुरेश रैना ने भारत के लिए 200 से ज्यादा वनडे में 5000 से ज्यादा रन बनाए हैं। सुरेश 2011 विश्व विजई टीम के सदस्य भी थे। सबसे ज्यादा आईपीएल मैच (193) में सबसे ज्यादा आईपीएल रन (5368) बनाए हैं सुरेश रैना ने। सुरेश भारत के भरोसेमंद मिडल ऑर्डर बल्लेबाज माने जाते थे, जिन्होंने कई सालों तक यह जिम्मेदारी संभाली। पर सुरेश निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने में नाकामयाब हुए जिसके कारण इन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। भारतीय सेलेक्टर्स का भी ध्यान दूसरे खिलाड़ियों पर है जिसके कारण सुरेश टीम में जगह नहीं बना पा रहे हैं। पर अगर सुरेश आने वाले आईपीएल सीजंस में या फिर यूपी के लिए रणजी में दमदार प्रदर्शन करते हैं तो फिर भारतीय टीम के सिलेक्टर्स का ध्यान अपनी तरफ खींच सकते हैं और भारतीय टीम में जगह बना सकते हैं।
2. अमित मिश्रा
36 वनडे में 64 विकेट और 22 टेस्ट में 76 विकेट। यह आंकड़े कहीं से भी खराब नहीं कहे जा सकते। यह आंकड़े हैं भारत के अनुभवी लेग स्पिनर अमित मिश्रा के। इतना अच्छा रिकॉर्ड होने के बावजूद भी मिश्रा भारत के लिए अपने 17 साल के करियर में ज्यादा मैच नहीं खेल सके। अमित मिश्रा आईपीएल में 146 विकेट के साथ सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं। लगातार अच्छा प्रदर्शन करने ना करने के कारण अमित भारतीय टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं। युवा लेग स्पिनरों जैसे युजवेंद्र चहल, राहुल चहर, मयंक मार्कंडेय के होते हुए 36 साल के अमित मिश्रा को शायद भारतीय टीम में जगह ना मिले।
3. मुरली विजय
तीसरा नाम इस लिस्ट में आता है भारत के भरोसेमंद टेस्ट ओपनिंग बल्लेबाज मुरली विजय का। अपनी बेहतरीन तकनीक से विदेशी पिचों पर टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले मुरली विजय, 2013 से 2018 तक भारत के सबसे अच्छे टेस्ट ओपनर माने जाते थे। भारत के लिए 51 टेस्ट में 3982 रन बनाए मुरली विजय ने।आईपीएल में सीएसके के लिए खेलने वाले मुरली विजय के लगातार नाकाम होने के बाद से इन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया और इनकी जगह दूसरे ओपनरों को मौका मिलने लगा। दूसरे ओपनर्स मौके का फायदा उठाते हुए प्रदर्शन करने लगे जिसकी वजह से मुरली विजय की वापसी नहीं हो पाई। अब टेस्ट में अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा और केएल राहुल हैं और युवा ओपनर्स मयंक अग्रवाल और पृथ्वी शॉ के होते हुए मुरली विजय की भारतीय टीम में आना मुश्किल है।
4. हरभजन सिंह
भारत के अनुभवी लेग स्पिनर की बात तो हो गई। अब बात करते हैं भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की। चौथा नाम आता है हरभजन सिंह का। भज्जी ने भारत के लिए 103 टेस्ट खेलकर 417 विकेट लिए हैं और वनडे में 236 मैच खेलकर 269 विकेट चटकाए। बढ़ती उम्र के साथ गेंदबाजी में धार कम होने की वजह से भारतीय टीम से बाहर हो गए थे भज्जी। इन्होंने अपना आखिरी टेस्ट और वनडे 2015 में खेला था। उसके बाद से ही भारत की टीम में अपनी जगह नहीं बना पाए। अब 39 की उम्र में शायद भज्जी कभी भारतीय टीम में नजर ना आएं और यह आपको सिर्फ कमेंट्री बॉक्स या स्पोर्ट्स क्रिकेट चैनल में दिख सकते हैं।
5. स्टुअर्ट बिन्नी
पांचवा और आखिरी नाम इस लिस्ट में आता है 1983 विश्व कप टीम के सदस्य रोजर बिन्नी के बेटे स्टुअर्ट बिन्नी का। इनका नाम सुर्खियों में आया 2014 में जब इन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैच में भारत को हारा हारा मैच जिताया था। उस मैच में स्टुअर्ट बिन्नी ने भारत की तरफ से गेंदबाजी करते हुए मात्र 4 रन देकर 6 विकेट लिए थे। यह प्रदर्शन भारतीय गेंदबाज द्वारा एक वनडे में सबसे अच्छा गेंदबाजी प्रदर्शन है। पर उस मैच के बाद से ही स्टुअर्ट बिन्नी कोई ऐसा प्रदर्शन न कर सके जिसकी वजह से इनकी भारतीय टीम में जगह बनाती हो। इन्होंने अब तक 14 वनडे में मात्र 230 रन बनाए और 20 विकेट लिए हैं। हार्दिक पांड्या के आने के बाद से ही ये भारतीय टीम से बाहर हो गए थे। अब तो हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, विजय शंकर जैसे तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर्स हैं जिसकी वजह से यह शायद कभी भारतीय टीम में अपनी जगह बना सकें।
🙏धन्यवाद🙏
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